जयपुर| थार वो मंच है जहाँ खारी रेत के खेत में मीठे ख्वाब उगाये जाते है। सिनेमा ,साहित्य और जीवन से जुडी कलाओं पर चर्चा का मंच है थार। दैनिक भास्कर के पास स्थित नवनिर्मित आर ए एस क्लब में आज "द लिटरेचर ऑफ़ लाइफ " के अंतर्गत जयपुर कलेक्टर जगरूप सिंह यादव से अंशु हर्ष द्वारा बातचीत की गयी।
एक प्रशासनिक अधिकारी की कुशलता के साथ साहित्य और सिनेमा में रुचि पर चर्चा हुई । हरिवंश राय बच्चन और ग़ालिब के साहित्य को आत्मसात किया हुआ है जयपुर कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने । एक प्रशासनिक अधिकारी अगर संवेदनशील साहित्य को पढ़ता है वो बेहतर ढंग से आमजन की समस्याओं को सुलझाने में अपनी साहित्यिक क्षमता काम में ले सकता है।
आज हम सभी आभासी दुनिया में जीते है वक़्त सभी को उतना ही मिलता है लेकिन कौन उसका सदुपयोग कर सकता है स्वयं व्यक्ति पर निर्भर करता है। विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए जगरूप सिंह ने कहाँ की हर इंसान के पास दिल भी होता है और दिमाग भी लेकिन अब स्वयं को रोबोट बनाना चाहते है। किताबे पढ़नी चाहिए मैं स्वयं रात को सोने से पहले कुछ पढ़ने की कोशिश करता हूँ। कॉलेज के जमाने में कुर्ता पजामा पहना करते थे और खड़ाऊँ पहना करते थे। ग्रामीण परिवेश से निकल कर कलेक्टर बनने के सपने को पूरा किया। युवा आभासी दुनियाँ को सकारात्मक तौर पे अपनाए तो आज बहुत कुछ उनके हाथ में में गूगल की दुनिया में । हमारे जमाने में गहराई में जाने के लिए बहुत मेहनत होती थी। अब बटन दबाने से काम हो जाता है तो युवाओं को चाहिए कि उसका सदुपयोग करे।
शहर की समस्याओं पर बातचीत के अलावा एक गांव के बच्चे का कलेक्टर बनने का सपना कैसे पूरा होता है , उस पर भी चर्चा की गयी। जीवन के उतार चढ़ाव और युवाओं को क्या ध्यान में रखते हुए जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। इस पर चर्चा के साथ जीवन से जुड़े साहित्य पर चर्चा हुई। जगरूप सिंह को हरिवंश राय बच्चन की कवितायेँ कंठस्थ है जो उन्होने कार्यक्रम के दौरान सुनायी और उस साहित्य जीवन में एक ऊर्जा के तौर पर अपने साथ पाते है। ग़ालिब को भी खूब पढ़ते दर्शकों से संवांद के साथ कार्यक्रम का आयोजन सफल रहा।
