टेक्नोलॉजी के माध्यम से सोशल एम्पावरमेंट, जयपुर में लांच हुआ ' , जज़्बा १. 0, और सोशल एम्पावरमेंट फेस्टिवल"
आईआईईसी , कम्युनिटी द्वारा होस्ट किया गया, तकनीक का हाथ थामते हुए होगा समाजिक परिवर्तन..
JAIPUR / महिलाओं की सुरक्षा, ऑटिज़्म से पीड़ित बच्चें, भूख और गरीबी से जंग, दृष्टिहीन के जीवनयापन के लिए सहयता, चोरी के किस्से, शिक्षा की आपूर्ति, खेती-बाड़ी की सुविधा, पर्यावरण स्थिरता से स्वस्थ बदलाव जैसे ही और कई गहन मुद्दें हैं जो आज समाज के सुधार और बेहतरी के बीच उलझे हुए से है।
ऐसे में जयपुर में एडुकेशनिस्ट और टेक्नोक्रैट विमल डागा द्वारा संचालित INDIAN INNOVATION AUR ENTREPRENEURSHIP COMMUNITY ( IIEC ) ने राजस्थान और देशभर के युवाओं के साथ साथ टेक्नोलॉजी का हाथ थामते हुए बदलाव की नयी किरण जगा दी है और सोशल एम्पावरमेंट के लिया पाथ ब्रेकिंग तकनीको का क्रिएशन किया है ।
इस मिशन के पंखों को फैलाते हुए जयपुर में आज , युथ और सोशल एम्पावरमेंट फेस्टिवल - जज़्बा 1.0 का अनावरण किया गया । राजस्थान और देश भर से कई स्टूडेंट्स भारत के सामाजिक ढांचे को आधुनिक टेक्नोलॉजी और डिजिटल रेवोलुशन के माध्यम से एम्पोवेरड और मजबूत करने के लिए आगे आए हैं। आईआईईसी के अंतर्गत जज़्बा में देश से और खास कर राजस्थान के जयपुर , उदयपुर, जोधपुर और अन्य स्थानों से युवा भाग ले रहे हैं, आज GD BADAYA AUDITORIUM, SANSKRITI COLLAGE MAANSAROVAR में हुई प्रेस वार्ता के दौरान जज़्बा के फाउंडर विमल डागा और कन्वीनर प्रीती डागा ने यह जानकारी दी। 20th & 21st July को जज़्बा का फिनाले जयपुर में होगा जिसमें जयपुर और राजस्थान के साथ देश भर से युवा भाग लेंगे।
आईआईईसी द्वारा शुरू की गयी इस नोबेल पहल के द्वारा छात्रों मे उद्यमिता ( ENTREPRENEURSHIP ) कौशल को विकसित करते हुए "मेकिंग इंडिया, फ्यूचर रेडी" के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करती है। युवाओं विशेष रूप से इंजीनियरिंग के वो छात्र जिन्हे औसत या औसत से नीचे का बोल कर अस्वीकृत कर दिया जाता है और एक नकारात्मक प्रतिक्रया दी जाती है ,को जज़्बा सेलेक्ट करता है अपने एम्पावरमेंट मिशन के लिए और उन्हे प्रशिक्षित करते हुए उचित मार्गदर्शन और प्रेरना देता है.
सशक्तिकरण के इस उत्सव के दौरान, जज़्बा उन मुख्य मुद्दों को संबोधित करेगा जो आज समाज को परेशान कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी इनसाइट द्वारा ऐसे अनगिनत रास्तों से लोगों के जीवन में सुधार आएगा और सामाजिक समस्याओं पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकेंगा. टेक्नोलॉजी और सामाजिक सशक्तीकरण के इसी मिलन की भव्यता को दिखाएगा जज़्बा।
श्री विमल डागा , मशहूर टेक्नोक्रैट, एडुकेशनिस्ट और संस्थापक आईआईइसी , के अनुसार, "सोसाइटअल एम्पॉवरमेन्ट के लिए टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम विकास की और अग्रसर हो सकते हैं और जज़्बा से हम डिजिटल रेवोलुशन के द्वारा सामाजिक परिवर्तन के लिए रास्ता तैयार करेंगे। इसके साथ साथ हम डिजिटल क्रांति लाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं जो युवा सशक्टीकरण करने की दिशा में काम करेगी और सेल्फ एम्प्लॉयमेंट और उद्यमिता के लिए भी एक अवसर प्रदान करेगी । इनोवेशन जज़्बा के जरिये हम इंजीनियरिंग छात्रों के बीच सही समय पर एंट्रेप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देंगे।इस पहल से जल्द ही भारतीय युवा अपनी कंपनियों के संस्थापक होने का सपना देखेंगे ना की किसी कंपनी में नौकरी पाने का। इससे देश के युवाओं को बेरोजगारी की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा।
इसके साथ ही जज़्बा की कन्विनर , प्रीती डागा ने कहा कि " कोई भी इंजीनियरिंग स्टूडेंट रचनाकार हो सकता है चाहे वो बिलो एवरेज हो , हम उन्ही स्टूडेंटस में स्टार्टअप और अपने आप को लीडर देखने का सपना और उम्मीद डे रहे हैं और उनकी रचनात्मकता सामजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है, वो ऐसी तकनीक ले कर आ रहे हैं जो डिजिटल जगत में क्रान्ति ले आएगी और समाज में चलित के समस्याओं और परेशानियों को आसानी से सुलझा देगी ।
इसके साथ ही जज़्बा की कन्विनर , प्रीती डागा ने कहा कि " कोई भी इंजीनियरिंग स्टूडेंट रचनाकार हो सकता है चाहे वो बिलो एवरेज हो , हम उन्ही स्टूडेंटस में स्टार्टअप और अपने आप को लीडर देखने का सपना और उम्मीद डे रहे हैं और उनकी रचनात्मकता सामजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दे रही है, वो ऐसी तकनीक ले कर आ रहे हैं जो डिजिटल जगत में क्रान्ति ले आएगी और समाज में चलित के समस्याओं और परेशानियों को आसानी से सुलझा देगी ।
आज के समय में ज़रूरत है की टेक्नोलॉजी लीडरस इनोवेशन को मात्रा गेम्स या एंटरटेनमेंट के लिए ना इस्तेमाल करते हुए नई सोच और सहयोग द्वारा सामाजिक परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए मार्ग खोलें। टेक्नोलॉजी के पास आज समस्याओं से निपटने के कई नए तरीके हैं और यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि एक जिम्मेदार और शिक्षित नागरिक के रूप में हमारी भी है। हमें समाज के लिए भी बड़े पैमाने पर योगदान देना चाहिए और अपना काम करना चाहिए। दो दिवसीय कार्यक्रम इंजीनियरिंग छात्रों, विभिन्न संगठनों और स्टार्ट-अप के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में 75+ से अधिक स्टार्टअप की मेजबानी करेगा। ये सभी टेक्नोलॉजी बेस्ड स्टार्टअप्स आम जनता की जरूरतों को पूरा करेंगे और भारत को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। यह महिला सुरक्षा, बाल सुरक्षा और कई और अधिक सार्वजनिक मुद्दों को हल करने की पहल है ।
युथ एंपॉवरमेंट के लिए जज्बा -
भारत 2020 तक सबसे बड़ी यंग पॉप्युलेशन का घर बनने जा रहा है और एक युवा द्वारा संभाले जाने वाले देश के लिए, जनसंख्या का सशक्तिकरण सबसे पहले जरुरी है। एक सशक्त युवाओं वाले राष्ट्र के लिए असीम संभावनाएं हैं और उन्हें सही ज्ञान, कौशल और प्रशिक्षण के साथ शिक्षित करने की संभावनाएं हैं। युवाओं के लिए कार्यक्रम युवा आबादी के कौशल और मार्गदर्शन के लिए सेमिनार्स और एक्टिविटीज की एक सीरीज को शोकेस करेंगे
जज्बा के बारे में -
यदि आप अपने जुनून से प्रेरित हैं और जज़्बा रखते हैं तो आप सफलता के शिखर पर पहुंच सकते हैं। इंडियन और इंडस्ट्रियल सोसाइटी में जज़्बा हैकाथॉन डिजिटल शिक्षा के माध्यम से युवाओं को एम्पावर बनाने के साथ भारत को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
युथ एंपॉवरमेंट के लिए जज्बा -
भारत 2020 तक सबसे बड़ी यंग पॉप्युलेशन का घर बनने जा रहा है और एक युवा द्वारा संभाले जाने वाले देश के लिए, जनसंख्या का सशक्तिकरण सबसे पहले जरुरी है। एक सशक्त युवाओं वाले राष्ट्र के लिए असीम संभावनाएं हैं और उन्हें सही ज्ञान, कौशल और प्रशिक्षण के साथ शिक्षित करने की संभावनाएं हैं। युवाओं के लिए कार्यक्रम युवा आबादी के कौशल और मार्गदर्शन के लिए सेमिनार्स और एक्टिविटीज की एक सीरीज को शोकेस करेंगे
जज्बा के बारे में -
यदि आप अपने जुनून से प्रेरित हैं और जज़्बा रखते हैं तो आप सफलता के शिखर पर पहुंच सकते हैं। इंडियन और इंडस्ट्रियल सोसाइटी में जज़्बा हैकाथॉन डिजिटल शिक्षा के माध्यम से युवाओं को एम्पावर बनाने के साथ भारत को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है।


